हरिद्वार। हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान एसडीआरएफ की मुस्तैदी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। कांगड़ा घाट पर गंगा में डूब रहे एक कांवड़िये को ड्यूटी पर तैनात जवान ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस रेस्क्यू से श्रद्धालु की जान बच गई।

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हरिद्वार के संवेदनशील घाटों पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। इसी क्रम में कांगड़ा घाट पर तैनात टीम ने अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक कांवड़िये को डूबने से बचा लिया।

बचाए गए कांवड़िये की पहचान मनीष (23 वर्ष) पुत्र ठाकुर, निवासी सूरजकुंड, जनपद मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताया गया कि वह गंगा में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आ गया और डूबने लगा। घाट पर मौजूद एसडीआरएफ टीम ने स्थिति को तुरंत भांप लिया।

टीम में तैनात कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी और प्रशिक्षित रेस्क्यू तकनीक का इस्तेमाल करते हुए युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे उसकी हालत सामान्य हो गई।

इस रेस्क्यू अभियान में एएसआई पवेंद्र धस्माना, एएसआई आशिक अली, कांस्टेबल अजीत सिंह और कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने समन्वय और सूझबूझ के साथ कार्रवाई को सफल बनाया।

एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने टीम के साहस, तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी टीमें पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्व निभा रही हैं।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि गंगा में केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें, तेज बहाव वाले क्षेत्रों और गहरे पानी में जाने से बचें तथा पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य किया जा सके।

एसडीआरएफ की इस त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू टीम की तत्परता और बहादुरी की सराहना की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *