प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों के लिए राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। यह प्राधिकरण सभी विद्यालयों के लिए न्यूनतम मानक तय करेगा। इसका उद्देश्य फीस की मनमानी और अन्य शिकायतों पर अंकुश लगाना है। नए ड्राफ्ट में शिक्षा विभाग के अलावा अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भी प्राधिकरण में जगह दी जाएगी।
प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और सुविधाओं की कमी जैसी शिकायतों का निपटारा करना है। यह राज्य के 16501 सरकारी और 5396 निजी विद्यालयों के लिए न्यूनतम मानक निर्धारित करेगा। प्राधिकरण स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले विषयों, फीस और अन्य आवश्यक सूचनाओं को सार्वजनिक कराएगा। यह निजी विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए वेतनमान भी तय करेगा।

