उत्तराखंड में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अब बजट की किल्लत नहीं होगी। इसके लिए शराब की बोतल पर उपकर (सेस) लगाने की तैयारी है। प्रति बोतल एक रुपये के हिसाब से जो पैसा इकट्ठा होगा, उससे सभी 108 नगर निकायों में कचरा प्रबंधन का काम कराया जाएगा।
प्रदेश में इस समय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन बड़ी चुनौती है। जहां मैदानी क्षेत्रों के निकायों में संसाधनों का अभाव है तो वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट एकत्र करने और उसके निस्तारण के लिए भारी बजट की जरूरत है। इन सभी चुनौतियों के बीच शहरी विकास विभाग अब बजट की नई राह तलाश रहा है। इसके लिए प्रदेश में शराब की बोतल पर सॉलिड वेस्ट सेस लगाया जाएगा। इसका प्रस्ताव शहरी विकास विभाग ने तैयार कर लिया है।

