लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य के दर्जे की मांग को लेकर 15 दिन से चल रहे अनशन के दौरान बुधवार को अचानक युवाओं का हुजूम उमड़ा और शांतिपूर्ण चल रहे आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया। तोड़फोड़, आगजनी और पथराव के बीच गुस्साए युवाओं ने भाजपा का प्रदेश कार्यालय फूंक दिया। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस बीच पुलिस फायरिंग में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। 40 पुलिस कर्मियों व सीआरपीएफ के जवानों समेत करीब 80 लोग घायल हुए हैं।
कांग्रेस नेता और काउंसलर फुटसोग स्टेजिन त्सेपाग पर भड़काऊ भाषण देने के लिए केस दर्ज किया गया है। हालात तनावपूर्ण हैं और प्रशासन ने लेह में कर्फ्यू लगा दिया है। इंटरनेट सेवा बाधित है। इस बीच, हिंसक घटना से आहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है।
सोनम वांगचुक की अगुवाई में 15 लोग 10 सितंबर से 35 दिन के धरने पर बैठे थे। वे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा व सांस्कृतिक व सांविधानिक सुरक्षा के लिए छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे। मंगलवार को लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के दो कार्यकर्ताओं की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इसके बाद एलएबी की यूथ विंग ने बुधवार को लेह बंद का एलान किया था। बुधवार सुबह रोजाना की तरह शहीदी पार्क में धरना शांतिपूर्ण शुरू हुआ लेकिन दोपहर होते-होते अचानक वहां युवाओं का हुजूम पहुंच गया। युवाओं ने श्वी वांट सिक्स्थ शेड्यूलश् के नारे लगाते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी।
ये हुजूम पार्क से चला तो सीआरपीएफ ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों ने जवाब में पथराव कर दिया। उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। युवा वहां से भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां पथराव के साथ उन्होंने आग लगा दी।

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