क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों में लोग अपने परिवार-दोस्तों और करीबियों के साथ घऊमने का प्लान बनाते हैं। ऐसे में उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प होता है पहाड़ों में जाना, क्योंकि इस मौसम में पहाड़ों में जमकर बर्फबारी होती है। इसी के चलते दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों की ओर रुख करते हैं।
लोगों की पसंदीदा जगहों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड इस दौरान सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली डेस्टिनेशन बन जाते हैं। बर्फबारी, ठंडी हवा और न्यू ईयर सेलिब्रेशन का मजा लेने के लिए हजारों सैलानी शिमला, मनाली, मसूरी और नैनीताल पहुंचते हैं। अगर आपका भी कुछ ऐसा ही प्लान है तो ये लेख आपके काम का है।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सरकार पहले से कुछ गाइडलाइंस जारी कर चुकी हैं, जो आपको पता होनी चाहिए। अगर आप इस गाइडलाइन को फॉलो नहीं करेंगे तो आपको दिक्कत हो सकती है। आइए आपको इस गाइडलाइंस के बारे में बताते हैं।
पहाड़ों पर घूमने जा रहे हैं तो ये समझ लें कि कुछ पहाड़ी जगहों पर पर्यटकों के लिए रजिस्ट्रेशन या परमिट अनिवार्य किया गया है। खासकर बर्फबारी वाले इलाकों, इको-सेंसिटिव ज़ोन और सीमावर्ती क्षेत्रों में बिना परमिट एंट्री नहीं मिलती। कई जगहों पर यह प्रक्रिया ऑनलाइन भी उपलब्ध है। बिना रजिस्ट्रेशन पहुंचने पर आपको एंट्री से रोका जा सकता है या जुर्माना लग सकता है। इसलिए जहां भी जा रहे हैं पहले वहां के बारे में जानकारी ले लें।
अगर आप अपनी निजी गाड़ी से पहाड़ों पर जा रहे हैं तो गाड़ी की हालत जरूर जांच लें। ब्रेक, टायर और बैटरी सही होना जरूरी है। बर्फबारी वाले इलाकों में स्नो चेन रखना फायदेमंद हो सकता है। साथ ही वैध ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और इंश्योरेंस साथ रखें। इसके अलावा आपके पास पीयूसी सर्टिफिकेट का होना भी जरूरी है। इसके साथ-साथ ध्यान रखें कि अगर आप नशा करके गाड़ी चलाएंगे तो आपपर जुर्माना लग सकता है। साथ ही में आपका वाहन तक जब्त हो सकता है। इसलिए ये गलती कतई न करें।

