सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली अधिकांश मौतों का मुख्य कारण यह है कि पीड़ित को सही समय पर प्राथमिक उपचार (गोल्डन आवर सहायता) नहीं मिल पाता। हरिद्वार में इस मृत्यु दर को कम करने के लिए एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित स्थानीय लोगों और कारोबारियों को प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षित करने का खाका तैयार किया है।
योजना के तहत हाईवे किनारे मौजूद होटल कर्मचारी, छोटे व्यवसायी और यहां तक कि फल सब्जी बेचने वालों से लेकर पंक्चर बनाने वालों तक को को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें यह जानकारी दी जाएगी कि दुर्घटना होने पर वे बिना समय गंवाए हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें। इसके साथ ही उन्हें यह भी सिखाया जाएगा कि अति गंभीर व्यक्ति को घटनास्थल पर तत्काल किस तरह प्राथमिक उपचार दिया जा सकता है। जिसमें सीपीआर देने के तरीके भी शामिल होंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी से भी मदद ली जाएगी। इस पहल से आपातकालीन टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी या हाईवे संस्थानों के कर्मचारी पहले प्राथमिक उपचार शुरू कर सकेंगे।

