गूलरभोज में चार दिन पहले रेलगाड़ी से टकराकर घायल हुआ जंगल का रखवाला गजराज आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। तमाम कोशिशों के बावजूद उसे को बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों के अनुसार उसका नर्व सिस्टम खराब होने के कारण शरीर के पिछले हिस्से में पैरालिसिस हो गया था।
शुक्रवार रात की वह दर्दनाक घटना किसी बुरे सपने जैसी थी। गूलरभोज–लालकुआं रेलवे ट्रैक पर निरीक्षण करती स्पेशल ट्रेन ओएमएस (ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम) से टकराकर हाथी घायल होकर पानी से भरे गढ्ढे में गिर पड़ा। 15 घंटे तक वह असहाय और निढाल पड़ा रहा। उसकी कराहें जंगल की हवा को चीरती रहीं। धरती को थर्रा देने वाले उसके पैर हिल भी नहीं पा रहे थे। आखिरकार जेसीबी मशीन की मदद से उसे बाहर निकाला गया। उसके पैरों में गहरी चोटें थीं। बायां दांत टूट चुका था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *