देहरादून : जिलाधिकारी देहरादून के जनहितैषी कार्यों और सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए उन्हें भू-क़ानून अभियान उत्तराखंड (2016) के सदस्यों द्वारा सम्मानित किया गया। अभियान के सदस्यों ने जिलाधिकारी के इस सक्रिय और संवेदनशील रवैये की जमकर सराहना की।
अभियान के सदस्यों ने जिलाधिकारी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी जो गरीब जनता की आवाज़ को तुरंत सुनकर निस्तारण कर रहे हों, तो जनता ख़ुश होकर ऐसी अधिकारियों के पीछे हमेशा खड़ी रहती है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इतिहास में ऐसे अधिकारियों की संख्या उंगली पर गिनी जा सकती है, जो वास्तव में जनहित को सर्वोपरि रखते हैं।
भू-क़ानून अभियान उत्तराखंड (2016) के सदस्यों ने बताया कि आज देहरादून में ही नहीं, अपितु पूरे उत्तराखंड में जिलाधिकारी के ऐसे जनहितार्थ निर्णयों की तारीफ हो रही हैं। यह प्रशासनिक और न्यायिक कार्य संस्कृति पूरे उत्तराखंड में फैले, ऐसी अपेक्षा भू-क़ानून अभियान के साथ-साथ राज्य का हर नागरिक भी करता है।
इस सम्मान समारोह के उपलक्ष्य पर अभियान के संस्थापक/मुख्यसंयोजक शंकर सागर के साथ सह संयोजक आनंद सिंह रावत, गढ़वाल संयोजक अशोक नेगी, कुमाऊं संयोजक उमेद बिष्ट, राजेश पेटवाल, महिला संयोजक धना वाल्दिया, कृष्णा बिजलवाण, सुभागा फरसवान, ज्योतिका पांडे, कल्पेश्वरी नेगी, देवेश्वरी गुसाई, पूजा बुढ़ाथोकी, गीता शर्मा, राजेश कुमार सहित अभियान के अन्य कई सदस्यगण मौजूद रहे। सभी ने जिलाधिकारी के जनसेवा भाव की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि उनके कार्य अन्य अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा बनेंगे।