1.59 लाख गैस उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी बाकी, समय पर नहीं कराया तो बढ़ सकती है परेशानी

देहरादून। जिले में घरेलू गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी को लेकर पूर्ति विभाग ने उपभोक्ताओं को एक और मौका दिया है। विभाग ने ई-केवाईसी की अंतिम तारीख बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी है। इसके बावजूद जिले में अभी करीब 1.59 लाख उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर घरेलू गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और उपभोक्ताओं को व्यावसायिक दर पर गैस उपलब्ध कराई जा सकती है।

जिले में कुल 7,16,845 घरेलू गैस कनेक्शन दर्ज हैं। इनमें से अब तक 5,57,546 उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि 1,59,299 कनेक्शन अभी लंबित हैं। लंबित मामलों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 9,243 लाभार्थी भी शामिल हैं।

इन माध्यमों से करा सकते हैं ई-केवाईसी

उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके अलावा डिलीवरी कर्मियों के बायोमेट्रिक उपकरण या संबंधित तेल कंपनी के अधिकृत मोबाइल एप के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द ई-केवाईसी करा लें।

गैस वितरण में गड़बड़ी पर विभाग की कार्रवाई

ई-केवाईसी के साथ ही जिले में घरेलू गैस की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितता के खिलाफ भी विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। रायपुर क्षेत्र के सोडा सिरौली गांव में शिकायत के आधार पर की गई जांच में गैस वितरण वाहन से सिलेंडरों से गैस निकालने का मामला सामने आया।

जांच के दौरान ऑर्डिनेंस गैस सेवा, रायपुर के वितरण वाहन में 26 घरेलू सिलेंडर पाए गए। इनमें से चार सिलेंडरों में करीब 1 से 6.5 किलो तक गैस कम मिली। मौके से गैस एक सिलेंडर से दूसरे में स्थानांतरित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला रिफिलर भी बरामद किया गया।

वाहन जब्त, गैस एजेंसी के खिलाफ मुकदमा

मामला सामने आने के बाद पूर्ति विभाग ने वितरण वाहन को जब्त कर लिया। मामले में जयप्रकाश और रटनेश चंद्रपाल समेत ऑर्डिनेंस गैस सेवा के खिलाफ रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

जांच में मिले सभी 26 सिलेंडरों को सुरक्षित रूप से निकटवर्ती सहकारी गैस सेवा में जमा करा दिया गया है। विभाग का कहना है कि गैस वितरण में किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *