आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिला में गैस कुएं में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए ओएनजीसी की विशेषज्ञ टीमें मुंबई और दिल्ली से मौके के लिए रवाना हो गई हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार की तुलना में आग की तीव्रता कुछ कम हुई है, लेकिन पूरी तरह काबू पाने के लिए विशेषज्ञों का आकलन जरूरी है।
जानकारी के मुताबिक, 5 जनवरी को दोपहर करीब 12:40 बजे मोरी और इरुसुमंडा गांवों के पास ओएनजीसी के मोरी-5 गैस कुएं में रिसाव के बाद करीब 20 मीटर ऊंची और 25 मीटर चौड़ी जेट आग भड़क उठी थी। हालांकि यह कुआं सीधे ओएनजीसी द्वारा संचालित नहीं है, बल्कि इसकी उत्पादन वृद्धि का काम अहमदाबाद स्थित दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड कर रही है।
संयुक्त कलेक्टर टी निसंथी ने बताया कि दमकल कर्मियों ने तापमान कम करने के लिए पानी की छतरी तैयार की है और आसपास के पेड़ों पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लपटें अभी उठ रही हैं, लेकिन सोमवार के मुकाबले उनकी तीव्रता घटी है। विशेषज्ञ टीमें स्थिति का आकलन करेंगी और उसी के आधार पर आग बुझाने के उपाय तय होंगे।
अधिकारियों के अनुसार, आग बुझाने के अभियान में राजस्व, पुलिस और अग्निशमन विभाग के साथ ओएनजीसी, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और रेड क्रॉस के कर्मचारी जुटे हुए हैं। एहतियातन सोमवार को आसपास के तीन गांवों से करीब 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 2024 में ONGC के राजामहेंद्रवरम एसेट में उत्पादन वृद्धि के लिए 1,402 करोड़ रुपये का ठेका हासिल किया था और वह बीते करीब एक साल से मोरी-5 कुएं का संचालन कर रही है। अधिकारी आग पर जल्द काबू पाने की उम्मीद जता रहे हैं, हालांकि पूरी तरह बुझाने की समयसीमा आकलन के बाद ही तय होगी।

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