देहरादून के खुरावा गांव में बीती 9 दिसंबर को नेहा गुलेरी नाम की महिला द्वारा महिलाओं के एक संगठन को साथ लेकर निजी भूमि में कब्जे के मामले की अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले में राजपुर रोड थाने में नेहा गुलेरी और अन्य महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
एफआईआर के मुताबिक 09 दिसंबर 2025 को नेहा गुलेरी कथित रूप से लगभग 15 महिलाओं के एक संगठित समूह के साथ ग्राम खुरावा स्थित निजी भूमि पर जबरन दाखिल हुई।
प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के अनुसार, यह समूह पेशेवर भूमि कब्जाधारियों जैसा प्रतीत हो रहा था, जो नेहा गुलेरी के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुँचा। आरोप है कि इस दौरान टिन शेड और अन्य संरचनाओं में घुसपैठ, तोड़फोड़, सामान उठाना, मारपीट तथा गंभीर धमकियां दी गईं।
एफआईआर में इस बात का भी उल्लेख है कि नेहा गुलेरी द्वारा झूठे बलात्कार केस में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी दी गई, जिससे पीड़ित की सुरक्षा और सम्मान को वास्तविक खतरा उत्पन्न हुआ। ये बात भी अब सामने आई है कि उक्त महिला पर पहले से फौजदारी के कई मामले चल रहे हैं।
गवाहों के अनुसार, गाली-गलौज के दौरान नेहा गुलेरी और उसके साथ मौजूद महिला ज्योति ने यह कहते हुए दबाव बनाने का प्रयास किया कि वे महिलाएं और अधिवक्ता हैं, इसलिए उनके द्वारा लगाए गए किसी भी आरोप को सत्य मान लिया जाएगा।
मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें धारा 191(2) और धारा 351(2) जैसी गैर-जमानती धाराएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त धारा 329, 333, 324(2) और 115(2) के अंतर्गत अवैध प्रवेश, संपत्ति क्षति और मारपीट के आरोप दर्ज किए गए हैं।
इधर कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक यह मामला केवल एक साधारण भूमि विवाद नहीं बल्कि संगठित दबाव, डराने-धमकाने और कानून को हाथ में लेने का गंभीर प्रकरण है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

