उत्तराखंड के ऋषिकेश में राम बरात निकालने की परमिशन नहीं मिलने के कारण बवाल शुरू हो गया है. थाने द्वारा परमिशन नहीं मिलने पर राम और रावण सहित रामलीला के सभी पात्र कोतवाली पहुंच गए. बनखंडी रामलीला में दो पक्षों के विवाद के बाद झगड़ा बढ़ गया. पुलिस प्रशासन के प्रति गुस्सा जाहिर किया. दो पक्षों की लड़ाई थाने पहुंच गई. ऋषिकेश की प्राचीन रामलीला बनखंडी समिति आज सीता स्वयंवर के बाद राम बरात निकालने जा रही थी. लेकिन शहर में राम बरात निकालने की परमिशन पुलिस प्रशासन ने समिति को नहीं दी, जिसके चलते राम रावण सहित सभी पात्र कोतवाली में धरने पर बैठ गए. रामलीला समिति के दो पक्षों में चल रहा विवाद इतना बढ़ गया है कि रामलीला पात्रों को कोतवाली में धरना देते हुए परमिशन की मांग करनी पड़ी. लेकिन अधिकारियों ने नहीं दी.
प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कलाकारों ने कहा कि राजनीतिक दबाव में राम बरात और रावण दहन की अनुमति नहीं दी जा रही है और बार-बार झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं. समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि 70 साल पुरानी परंपरा को रोकने की कोशिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कलाकारों ने अपील की है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी इस मामले में दखल दें. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर अनुमति नहीं मिली तो आंदोलन और बड़ा होगा.
बीते मंगलवार को राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता और हनुमान की वेशभूषा में कलाकार कोतवाली पहुंच गए और गिरफ्तारी की पेशकश करने लगे. रामलीला कमेटी ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के चलते राम बारात और रावण दहन की अनुमति नहीं दी जा रही है. जैसे ही कलाकार अपने ड्रेस में पहुंचे तो थाना जो है रामलीला का मंच लगने लगा था.

