देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। शिक्षा, शहरी विकास, आवास, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और पशुपालन विभाग से जुड़े निर्णयों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सरकार ने साफ संदेश दिया है कि विकास और जनहित उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में राज्यहित को ध्यान में रखते हुए कुल छह बड़े प्रस्तावों पर सहमति बनी।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय

  1. न्याय व्यवस्था को मजबूती

उच्च न्यायालय के अधिष्ठान कार्यालय में दो अधिवक्ताओं के पद सृजित किए गए।

साथ ही वरिष्ठ प्रमुख, निजी सचिव और आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) के पदों को भी मंजूरी दी गई।

सरकार का मानना है कि इन पदों के सृजन से न्यायिक कार्यों की गति और पारदर्शिता में तेजी आएगी।

  1. उधम सिंह नगर को मिला विकास का तोहफ़ा

जिले में 9.918 हेक्टेयर भूमि जिला विकास प्राधिकरण को आवंटित की गई।

इस भूमि के उपयोग से क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास कार्य होंगे, जिससे आम जनता को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।

  1. देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने की पहल

राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सरकार ने देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड का गठन किया।

इस नए संगठन के तहत शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाएगा।

इससे लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।

  1. पर्वतीय जिलों के लिए पशुपालन विभाग की नई योजना

मंत्रिमंडल ने कुकुट आहार सब्सिडी योजना को मंजूरी दे दी है।

यह योजना विशेष रूप से राज्य के नौ पर्वतीय जिलों में लागू होगी।

योजना का उद्देश्य स्थानीय किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सहयोग देकर उनकी आय बढ़ाना है।

  1. सब्सिडी पर आर्थिक सहयोग

कुकुट आहार सब्सिडी योजना के तहत सरकार द्वारा कुल दो करोड़ 25 लाख 85 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

इससे छोटे और मध्यम स्तर के पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य में पोल्ट्री फार्मिंग को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का संदेश – विकास और जनहित सर्वोपरि

बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि धामी सरकार एक ओर जहां न्याय और प्रशासन को मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों, पशुपालकों और आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर भी लगातार काम कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से न केवल न्यायिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विकास की नई दिशा भी तय होगी। देहरादून में नई ट्रांसपोर्ट व्यवस्था से जहां ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, वहीं पशुपालन योजनाओं से पहाड़ी जिलों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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